क्रिकेटर वीरेंदर सहवाग की जीवनी | Virender Sehwag Biography In Hindi

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क्रिकेटर वीरेंदर सहवाग की जीवनी | Virender Sehwag Biography In Hindi

 

“वह सिर्फ मैदान पर खड़े रहकर ही अपनी बल्लेबाजी से मैच की दशा और दिशा दोनों को बदल सकता है”, ऐसा इयान चैपल ने वीरेंदर सहवाग – Virender Sehwag के बारे में कहा था। सहवाग एक बेहिचक, डैशिंग, निडर और मैच विजेता बल्लेबाज है। नजफगढ़ के नवाब वीरेंदर सहवाग भारतीय क्रिकेट टीम के सबसे प्रसिद्ध और सबसे सफल बल्लेबाज है।

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क्रिकेटर वीरेंदर सहवाग की जीवनी | Virender Sehwag Biography In Hindi
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क्रिकेटर वीरेंदर सहवाग की जीवनी | Virender Sehwag Biography In Hindi

क्रिकेटर वीरेंदर सहवाग की जीवनी – Virender Sehwag Biography In Hindi

पूरी जानकारी –

Virender Sehwag  भूतपूर्व भारतीय क्रिकेटर है, जिन्हें विश्व क्रिकेट का सबसे विस्फोटक बल्लेबाज माना जाता है। वे दाहिने हाथ के विस्फोटक बल्लेबाज और राईट आर्म ऑफ स्पिन गेंदवाज है, 1999 में उन्होंने अपना पहला अंतर्राष्ट्रीय एकदिवसीय मैच खेला और 2001 में वे टेस्ट क्रिकेट में शामिल हो गये, अप्रैल 2009 में उन्हें विस्डन लीडिंग क्रिकेटर इन दी वर्ल्ड से सम्मानित किया गया और इस अवार्ड से सम्मानित किये जाने वाले वे एकमात्र बल्लेबाज थे। और 2009 में इस अवार्ड को सुरक्षित रखने वाले वे एकमात्र क्रिकेट खिलाडी बने।

Virender Sehwag ने विश्व क्रिकेट में कयी रिकार्ड्स अपने नाम किये है जिनमे किसी भी भारतीय क्रिकेटर द्वारा टेस्ट क्रिकेट में सर्वाधिक रन (319) का रिकॉर्ड भी शामिल है, साथ ही यह अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट इतिहास में अब तक का सबसे तेज़ तिहरा शतक है (300 रन सिर्फ 278 गेंदों में) और साथ ही सबसे तेज़ 250 रनों का रिकॉर्ड भी उन्ही के नाम है (207 गेंदों में श्रीलंका के खिलाफ 3 दिसम्बर 2009 को मुंबई के ब्राबौर्ने स्टेडियम में बनाए थे)। उनकी दूसरी पारियों में 309 और 293 भी शामिल है, जो किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा दूसरा और तीसरा सर्वोच्च स्कोर है।

टेस्ट क्रिकेट में 2 बार 300 के आकडे को छूने वाले विश्व के मात्रा चार खिलाडियों में से वे एक है। और साथ ही टेस्ट में दो तिहरे शतक और एक पारी में पाँच विकेट लेने वाले वे एकमात्र खिलाडी है। मार्च 2009 में सहवाग ने भारतीय क्रिकेट टीम की तरफ से एकदिवसीय मैच में 60 गेंदों में ही शतक बनाया था, जो किसी भी भारतीय बल्लेबाज द्वारा अबतक का सबसे तेज़ शतक है। 8 दिसम्बर 2011 को उन्होंने वेस्ट इंडीज के खिलाफ एकदिवसीय क्रिकेट में अपना पहला दोहरा शतक लगाया था, और एकदिवसीय मैच में दोहरा शतक मारने वाले बल्लेबाजो में वे सचिन के बाद दुसरे बल्लेबाज बने।
149 गेंदों में उनके द्वारा बनाए गये 219 रन, एकदिवसीय क्रिकेट में किसी भी बल्लेबाज द्वारा बनाया गया सर्वोच्च स्कोर बना और बाद में 13 नवम्बर 2014 को रोहित शर्मा ने 173 गेंदों में 264 रन बनाकर उनका रिकॉर्ड तोडा। अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में एकदिवसीय मैच में दोहरा शतक और टेस्ट में तिहरा शतक मारने वाले मात्र दो बल्लेबाजो में से वे एक है, उनके साथ इस रिकॉर्ड में दुसरे बल्लेबाज क्रिस गेल है।

अक्टूबर 2005 में राहुल द्रविड़ की कप्तानी में Virender Sehwag की नियुक्ती भारतीय टीम के उपकप्तान के रूप में की गयी थी। उपकप्तान बने रहते हुए, उन्होंने राहुल द्रविड़ के जख्मी होने के बाद 2 एकदिवसीय और एक टेस्ट मैच में भारतीय टीम की कप्तानी भी की थी। 2008 में घरेलु मैदान में वापिस आने के बाद, जब अनिल कुंबले ने रिटायरमेंट ले लिया तब Virender Sehwag  की नियुक्ती टेस्ट और एकदिवसीय दोनों श्रेणियों में उपकप्तान के रूप में की गयी थी। 2009 के शुरू में ही, उन्होंने खुद को एकदिवसीय मैच का सबसे बेहतरीन और विस्फोटक बल्लेबाज साबित किया था।

Virender Sehwag  आईपीएल की टीम किंग्स XI पंजाब की टीम के लिए भी खेल चुके है।

Virender Sehwag प्रारंभिक वर्ष –

विश्व क्रिकेट के सबसे बेहतरीन बल्लेबाजो में से एक Virender Sehwag का जन्म 20 अक्टूबर 1978 को अनाज व्यापारी के घर में नयी दिल्ली में हुआ था। उन्होंने अपना बचपन में संयुक्त परिवार में अपने भाई-बहन, अंकल, आंटी और 16 भाइयो के साथ बिताया। उनका परिवार हरियाणा से है और बाद में वे दिल्ली चले गये थे। अपने पिता कृष्णा और माँ कृष्णा सहवाग के चार बच्चो में सहवाग तीसरे है। उनके पिता ने बचपन में ही सहवाग की क्रिकेट के प्रति रूचि को भाँप लिया था और सात महीनो के सहवाग को ही उन्होंने खिलौने वाली बैट लाकर दी थी। बाद में सहवाग पढने के लिए नयी दिल्ली के अरोरा विद्या स्कूल जाने लगे और Virender Sehwag अपने माता-पिता को हमेशा क्रिकेट खेलने के लिए सताया करते थे। इसी आधार पर उन्होंने अपने क्रिकेट करियर के शुरुवाती दौर में अपनी पहचान एक आक्रामक बल्लेबाज के रूप में बनायी और उस समय उनके कोच अमर नाथ शर्मा थे। 1990 में क्रिकेट खेलते समय जब उनका दांत टुटा था तभी उनके पिता ने उनके करियर को खत्म करने का निर्णय ले लिया था लेकिन Virender Sehwag ने अपनी माँ की सहायता से इस बंदी को टाल दिया। बाद में सहवाग ने जामिया मिलिया इस्लामिया से ग्रेजुएशन पूरा किया।

अप्रैल 2004 में Virender Sehwag ने भारत के यूनियन लॉ मिनिस्टर अरुण जेटली की मेजबानी में भारी सुरक्षा में आरती अहलावत से शादी कर ली।
2011 में Virender Sehwag ने हरियाणा के झज्जर में सहवाग इंटरनेशनल स्कूल की शुरुवात की, जो दिल्ली के पश्चिम से 65 किलोमीटर दूर है। इस स्कूल का उद्घाटन उनकी माँ और उनके पीता ने किया था, और उनके माता की ही दिली इच्छा थीकी उनका एक इंस्टिट्यूट हो जिसमे बच्चे पढ़े, लिखे और खेले। उनके दुसरे तिहरे शतक के बाद, हरियाणा सरकार ने Virender Sehwag को 23 एकर जमीन देकर एक अकैडमी बनाने का ऑफर भी दिया, जहाँ उन्होंने अकैडमी की जगह स्कूल खोलने की प्रार्थना की थी, ताकि वे अपने पिता के ख्वाब को सच्चाई में परिवर्तित कर सके।

Virender Sehwag अवार्ड –
• अर्जुन अवार्ड (2002)
• विस्डन लीडिंग क्रिकेटर इन द वर्ल्ड 2008, 2009
• ICC टेस्ट प्लेयर ऑफ़ द इयर 2010
• पद्म श्री 2010

भले ही सहवाग आज टीम का हिस्सा न हों, लेकिन कुछ समय पहले तक उनका बल्ला टीम इंडिया के स्कोर बोर्ड को बढ़ाने का काम करता आया हैं. सन्यास के दिन पहली बार में तो मुझें विश्वास ही नही हुआ था लेकिन जब देखा तो हर तरफ एक ही खबर थी वीरेन्द्र सहवाग ने कहा क्रिकेट को अलविदा. वीरेंद्र सहवाग का बल्ला जब भी चला विरोधी टीम के गेंदबाजों ने दिन में ही तारे गिने, इन्वर्टर पर टी.वी. तभी चलता था, जब सहवाग बैटिंग करते थे.

1. सहवाग को इससे मतल़ब नही होता था कि मैच टेस्ट है या वनडे, उसे तो बस आते ही ठोकना था.

2. वीरेन्द्र सहवाग ने अपने करियर की शुरुआत क्रिकेट से नहीं, बल्किं एक फार्मेसी व्यपार के माध्यम से की थी.

3. 1990 में खेलते हुए एक दांत टूट ज़ाने के बाद सहवाग के पिता ने क्रिकेट खेलने से रोक दिया था. लेकिन मां के लाडले ने मां को पहले मनाया और मां ने पिताजी मनाया और यह बैन हटा, जिससे भारत को यह महान बल्लेबाज मिला.

4. क्रिकेट खेलने के शुरुआती दिनों में सहवाग अपने चेतक स्‍कूटर को ड्राइव करके Practice के लिए जाया करते थे.

5. सहवाग का सबसे प्रिय भोजन खीर है। उन्‍हें अपनी मां के हाथों की बनी खीर सबसे ज्‍यादा पसंद है.

6. ज़्यादा अपील करने के चलते सहवाग को पहले ही मैच में बैन कर दिया था.

7. सहवाग को नजफ़गढ़ का नवाब, “मुल्तान का सुल्तान” कह कर भी पुकारा जाता है.

8. क्या आपको पता हैं, कि वीरेंद्र सहवाग भारत के पहले टी-20 कप्तान थे.

9. वीरेन्द्र सहवाग भारत के महान बल्लेबाज़ सचिन तेंदुलकर को अपना “आइडियल” मानते है.

10. ज़ब सहवाग से पूछा गया कि आप और सचिन तेंडुलकर किस मामले में अलग हैं। तो उनका जवाब था बैंक बैलेंस के मामले में.

11. आप शायद हंसेंगे, लेकिन सच है कि, सिर के बाल जल्दी गंवा देने के बाद सहवाग ने हेयर ट्रांसप्लांट कराया, और फिर जवानी लौट आई.

12. विरोधी टीम चाहे सभी बाॅलरो को आजमा लेती, लेकिन वो सहवाग ही था जो टेस्ट को भी टी-20 बना देता था.

13. सहवाग अकेले ऐसे भारतीय खिलाड़ी हैं, जिसने टेस्‍ट मैचों में दो बार तिहरा शतक जड़ा. सबसे तेज तिहरा शतक बनाने का रिकार्ड भी सहवाग के ही नाम है मात्र 278 गेंदो में 300 रन.

14. सहवाग के अगर एक बार मन में आ ज़ाता था कि छक्का मारना है तो वह छक्का ही मारते थे, चाहे 294 पर ही क्यों न खड़े हो.

15. वीरेंद्र सहवाग ने 2011 वर्ल्ड कप में टीम इंडिया के शुरुआती 5 मैचों की शुरुआत चौके से की, और वह भी पहली ही गेंदों पर.

16. वीरेन्द्र सहवाग ने अपने वन डे करियर में कुल 15 शतक लगाए थे जिनमें से 14 बार भारतीय़ टीम को जीत हासिल हुई थी. इन 15 शतकों में वह 10 बार मैन ऑफ द मैच भी चुने गए थे.

17. बताया जाता है कि क्रिकेट के इस दिग्गज बल्लेबाज ने करीब 250 करोड़ रुपये की संपत्ति अर्जित की हैं.

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