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आर.के नारायण की जीवनी | RK Narayan Biography In Hindi

 

आर.के नारायण की जीवनी | RK Narayan Biography In Hindi

 

पूरा नाम –  रासीपुरम कृष्णास्वामी अय्यर नारायणस्वामी
जन्म    – 10, ऑक्टोबर 1906
जन्मस्थान – चेन्नई
पत्नीं   – राजम नारायण

आर.के नारायण की जीवनी / RK Narayan Biography In Hindi

आर.के नारायण जिनका पूरा नाम रासीपुरम कृष्णास्वामी अय्यर नारायणस्वामी है. वे एक भारतीय लेखक थे, जो अपने बेहतरीन काल्पनिक गाव मालगुडी (Malgudi Days Stories)की रचनाओ के लिये जाने जाते है. उस समय के प्रसिद्ध तीन अंग्रेजी साहित्यकारों (बाकी दो मूलक राज आनंद और राजा राव थे) में से वे एक थे और उनकी रचनाये भी जग प्रसिद्ध है.

अपने विश्वसनीय सलाहकार और मित्र ग्रैहम ग्रीने, जिन्होंने नारायण की पहली चार किताबो के लिए प्रकाशक ढूंढे थे, जिनमे उनकी रचना स्वामी और मित्र, दी बैचलर ऑफ़ आर्ट्स और दी इंग्लिश टीचर भी शामिल है. नारायण एक आर्थिक सलाहकार की तरह भी काम करते थे, जिन्होंने 1951 और साहित्य अकादमी में अपने आर्थिक ज्ञान की छाप छोड़ी थी.

 

वे एक अवॉर्ड विनर रचना दी गाइड के लेखक थे, जिसे कई बार फिल्मो में ही उपयोग किया गया है. आर.के नारायण की बहोत सी रचनाये उनके काल्पनिक गाव मालगुडी पर आधारीत थी, जिसमे उनकी पहली रचना स्वामी और मित्र थी, जिसमे उन्होंने अपने काल्पनिक गाव के बारे में और वहा के लोगो के बारे में वर्णन किया था और वहा के लोगो के दैनिक जीवन के बारे में बताया था. उनकी तुलना विलियम फॉल्कनर से की जाती थी, उन्होंने भी एक काल्पनिक ग्राम की रचना की थी जिसमे फॉल्कनर ने वास्तविक जीवन की छोटी-मोटी गतिविधियों को वर्णित किया था. और अपने लेखो से मानवता को बढाने और उसे सही तरह से दर्शाने का काम किया है.

आर.के नारायण / RK Narayan की लघु कथा लिखने के कला की दी मौपस्सन्त से तुलना की जाती है, क्योकि ऐसा कहा जाता था की शिरडी वे दोनों ही कहानी को रूचि खोये बिना शब्दों की रचना कर लेते थे. नारायण को कई बार अपनी साधी और छोटी रचनाओ (गद्य) के लिये आलोचनाओ का भी सामना करना पडा.

आर.के नारायण / RK Narayan लेखन करने का पेशा तकरीबन 60 सालो तक चला, इस दौरान नारायण को कई अवार्ड्स भी मिले और उन्हें कई बार सम्मानित भी किया गया था. जिसमें साहित्यिक रॉयल सोसाइटी द्वारा दिया ए.सी. बेंसोन मैडल, पद्म भुषण और पद्म विभूषण, जो भारतीय नागरिकत्व का क्रमशः तीसरा और दुसरा सर्वोच्च सम्मान है. राज्य सभा के लिए भी उनका नाम मनोनीत किया गया था.

आर.के. नारायण की 7 बाते जो बहोत कम लोग जानते है – RK Narayan History In Hindi :

उनका पहला प्रकाशित काम ना तो कोई उपन्यास था ना ही कोई कहानी. बल्कि वह तो 17 वे दशक की इंग्लैंड की किताब डेवलपमेंट ऑफ़ मेरीटाइम का पुनर्निरीक्षण था.स्वामी और उनके मित्र की हस्तलिपि को इंग्लिश उपन्यासकार ग्रैहम ग्रीने को भेजा गया, जिसे बाद में उनकी सलाह पर प्रसिद्ध प्रकाशक हामिश हैमिलटन ने प्रकाशित किया.आर.के नारायण / RK Narayan को बहोत सी संस्थाओ से अनुदान भी मिला था, जिसमे USA का रॉकफेलर फाउंडेशन भी शामिल है.प्रसिद्ध ब्रिटिश लेखक सॉमरसेट मौघम एक बार नारायण से मिलने के लिए मैसूर आये लेकिन वहा उन्हें उनका घर नही मिला, लेकिन बाद में उन्होंने नारायण को पत्र जरूर लिखा था.आर.के नारायण / RK Narayan को पद्म भुषण पद्म विभूषण से भी सम्मानित किया गया था.अपने प्रसिद्ध उपन्यास दी गाइड के लिये उन्हें कई पुरस्कार भी मिले है. बाद में इसपर फ़िल्म भी बनाई गयी.भारतीय इंग्लिश साहित्य के वे जनक माने जाते है, ऐसा करने वाले और भी दो लोग मूलक राज आनंद और राजा राव भी है.

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