बेटी निकलती है तो Hindi inspiring poem on girls

0
220

बेटी निकलती है तो Hindi inspiring poem on girls

बेटी निकलती है तो
कहते हो छोटे कपडे
पहन कर मत जाओ.
पर बेटे से नहीं कहते
हो कि नज़रों मैं गंदगी
मत लाओ.

बेटी से कहते हो कि
कभी घर कि इज्जत
ख़राब मत करना.
बेटे से क्यों नहीं कहते
कि किसी के घर कि
इज्जत से खिलवाड़ नहीं करना.

हर वक़्त रखते हो नज़र
बेटी के फ़ोन पर.
पर ये भी तो देखो बेटा
क्या करता है इंटरनेट पर.

किसी लड़के से बात करते देखकर
जो भाई हड़काता है.
वो ही भाई अपनी गर्लफ्रेंड के किस्से घर मैं हंस हंस कर सुनाता है .

बेटा घूमे गर्लफ्रेंड के साथ तो कहते हो अरे बेटा बड़ा हो गया .
बेटी अपने अगर दोस्त से भी
बातें करें तो कहते हो बेशर्म हो गयी.

“पहले शोषण घर से बंद करो
तब शिकायत करना समाज से”.

हर बेटे से कहो कि
हर बेटी कि इज़ज़त करे
आज से।

बात निकली है तो दूर
तक जानी चाहिए.

Share this as much as💯✔®…

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here