इरफान खान का जीवन परिचय | Irrfan Khan Biography In Hindi

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इरफान खान का जीवन परिचय | Irrfan Khan Biography In Hindi

शाहबजादे इरफान अली खान (इरफ़ान ख़ान, इरफान) (जन्मः ७ जनवरी १९६७) हिन्दी अंग्रेजी फ़िल्मों, व टेलीविजन के एक अभिनेता हैं। उन्होने द वारियर, मकबूल, हासिल, द नेमसेक, रोग जैसी फिल्मों मे अपने अभिनय का लोहा मनवाया। हासिल फिल्म के लिये उन्हे वर्ष २००४ का फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ खलनायक पुरस्कार भी प्राप्त हुआ। वह बालीवुड की ३० से ज्यादा फिल्मों मे अभिनय कर चुके हैं। इरफान हॉलीवुड मे भी एक जाना पहचाना नाम हैं। वह ए माइटी हार्ट, स्लमडॉग मिलियनेयर और द अमेजिंग स्पाइडर मैन फिल्मों मे भी काम कर चुके हैं। 2011 में भारत सरकार द्वारा पद्मश्री से सम्मानित किया।  60वे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार 2012 में इरफ़ान खान को फिल्म पान सिंह तोमर में अभिनय के लिए श्रेष्ठ अभिनेता पुरस्कार दिया गया।
Height: 1.83 m
Spouse: Sutapa Sikdar (m. 1995)
TV shows: In Treatment, Bharat Ek Khoj, Mano Ya Na Mano, Tokyo Trial

जन्मदिन- 30 नवंबर, 1962

जन्मस्थान- जयपुर, राजस्थान कद- 6 फुट

खान उपनाम वाले स्टार अभिनेताओं की भीड़ में एक ऐसा भी अभिनेता है, जो स्वयं को स्टार नहीं,बल्कि कलाकार मानता है। यहां बात  Irrfan Khan की हो रही है। इरफान मौजूदा दौर के उन चुनींदा अभिनेताओं में हैं जो अच्छे 8 और सक्षम अभिनेता की पहचान से खुश और संतुष्ट हैं।

जयपुर में पले-बढ़े  Irrfan Khan एमए की पढ़ाई कर रहे थे, जब उन्हें नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा में प्रशिक्षण के लिए स्कॉलरशिप मिला। दिल्ली स्थित नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा से अभिनय में प्रशिक्षित होने के बाद  Irrfan Khan ने मुंबई का रूख किया। मुंबई आने के बाद वे धारावाहिकों में व्यस्त हो गए। चाणक्य, चंद्रकांता, स्टार बेस्ट सेलर्स जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों में  Irrfan के बेहतरीन अभिनय ने फिल्म निर्माता-निर्देशकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। मीरा नायर की सम्मानित फिल्म सलाम बांबे में उन्हें मेहमान भूमिका निभाने का अवसर मिला। सलाम बांबे के बाद  Irrfan Khan लगातार ऑफबीट फिल्मों में अभिनय करते रहें। एक डॉक्टर की मौत,कमला की मौत और प्रथा जैसी समांतर फिल्मों में अभिनय के बाद  Irrfan Khan ने मुख्य धारा की फिल्मों की ओर रूख किया। हासिल में रणविजय सिंह की नकारात्मक भूमिका में  Irrfan ने अपनी अभिनय-क्षमता का लोहा मनवाया। देखते-ही-देखते वे मुख्य धारा के निर्माता-निर्देशकों की भी पसंद बन गए।

Irrfan Khan मौजूदा दौर के उन अभिनेताओं में हैं,जो स्वयं को फिल्मों में नायक की भूमिका के दायरे तक सीमित नहीं करते। वे यदि लाइफ इन ए मेट्रो, आजा नचले, क्रेजी 4 और सनडे जैसी फिल्मों में महत्वपूर्ण चरित्र भूमिकाएं निभाते हैं, तो मकबूल,रोग और बिल्लू में केंद्रीय भूमिका भी निभाते हैं। गंभीर अभिनेता की छवि वाले  Irrfan Khan समय-समय पर हास्य-रस से भरपूर भूमिकाओं में भी दर्शकों के लिए उपस्थित होते रहे हैं। वह यदि नेमसेक और ए माइटी हार्ट जैसी संवेदनशील फिल्में करते हैं, तो दिल कबड्डी और सनडे जैसी कॉमेडी फिल्मों में भी अपनी अभिनय प्रतिभा के जलवे बिखेरते हैं।  Irrfan Khan स्वयं को संपूर्ण अभिनेता के रूप में साबित करना चाहते हैं। वह चाहते हैं कि सुधी दर्शकों के साथ-साथ आम दर्शकों के बीच भी उनकी पहचान बने।  Irrfan Khan खुद कहते हैं,जॉनर से परे ऐसी फिल्मों के लिए ही मैं हां करता हूं जिसमें कुछ खास बात हो। ऐसा नहीं है कि मैं केवल इंटेंस भूमिकाएं ही करता हूं। आम तौर पर सभी मुझे कैटेगराइज कर देते हैं, पर मैं खुद टाइप कास्ट नहीं होना चाहता।

Irrfan Khan की प्रसिद्धि हॉलीवुड में भी है। अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में पुरस्कृत द वैरियर में उनकी उपस्थिति ने पहली बार अंतरराष्ट्रीय दर्शकों का ध्यान अपनी ओर खींचा। .और देखते-ही-देखते  Irrfan Khan हॉलीवुड का भारतीय चेहरा बनकर उभरने लगे। यह  Irrfan Khan की अभिनय प्रतिभा का ही प्रमाण है कि पिछले दिनों उन्हें हॉलीवुड फिल्म इंडियन समर में जवाहरलाल नेहरू की भूमिका निभाने का प्रस्ताव मिला। ऑस्कर पुरस्कार प्राप्त स्लमडॉग मिलिनेयर में भी  Irrfan Khan की उपस्थिति हॉलीवुड में चर्चा का विषय बनी रही।

नए दौर के भारतीय सिनेमा का प्रतिनिधित्व करने वाले  Irrfan Khan की लोकप्रियता ने यह साबित कर दिया है कि भारतीय दर्शक नायक में सिर्फ अच्छी शक्ल-सूरत नहीं देखते। तभी तो, साधारण नैन-नक्श वाले प्रतिभाशाली अभिनेता  Irrfan Khan की किसी फिल्म में उपस्थिति मात्र दर्शकों को सिनेमाघर की ओर आकर्षित करती है। उम्मीद है,आने वाले कई वर्षो तक हिन्दी फिल्में  Irrfan Khan की प्रतिभा से लाभान्वित होती रहेंगी और अभिनेताओं की कई पीढि़यां अभिनय प्रतिभा के धनी इस कलाकार से प्रेरित होती रहेंगी।

नामांकन और पुरस्कार

फ़िल्मफ़ेयर पुरस्कार

  • 2008 – फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ सहायक अभिनेता पुरस्कार – लाइफ़ इन अ… मेट्रो
  • 2004 – फ़िल्मफ़ेयर सर्वश्रेष्ठ खलनायक पुरस्कार – हासिल

नागरिक सम्मान

  • २०११ – पद्म पुरस्कार

 

कॅरियर की मुख्य फिल्में

वर्ष-फिल्म-चरित्र

1988-सलाम बांबे-पत्र लेखक

1989- कमला की मौत- अजीत 1991- एक डॉक्टर की मौत

1998- बड़ा दिन- पुलिस इंस्पेक्टर

2000- घात- रोमेश भागवत डोगरा

2001- कसूर- सरकारी वकील

2002- प्रथा- निमी पांडे

2002- काली सलवार-

2002- गुनाह- एसीपी दिग्विजय पांडे

2003- धुंध- अजीत खुराना

2003- हासिल- रणविजय सिंह

2003- सुपारी- बाबा

2003- फुटपाथ- शेख

2003- मकबूल- मकबूल

2004- चरस- रणबीर सिंह

2004- आन- युसूफ पठान

2005- रोग- इंस्पेक्टर उदय राठोड़

2005- चेहरा- चंद्रनाथ दीवान

2005- साढ़े सात फेरे- मनोज

2005- चॉकलेट- पीपी

2006- यूं होता तो क्या होता- सलीम राजाबली

2006- द नेमसेक- अशोक

2006- सिर्फ चौबीस घंटे- वैद्य

2007- लाइफ इन ए मेट्रो- मोंटी

2007- अपना आसमान- रवि कुमार

2007- आ जा नचले- फारूख

2008- सनडे- कुमार मंगत

2008- क्रेजी 4- डॉक्टर मुखर्जी

2008- मुंबई मेरी जान- इरफान थॉमस

2008- स्लमडॉग मिलिनेयर- पुलिस इंस्पेक्टर

2008- दिल कबड्डी- शमित

2009- बिल्लू बार्बर- विलास परदेसी

2009- न्यूयार्क- रोशन

2009- एसिड फैक्ट्री

2012- पान सिंह तोमर आने वाली फिल्में- राइट या रांग, हिस्स, इंडियन समर।

 

 

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