Kiran Bedi Biography in Hindi | किरण बेदी की जीवन परिचय

 

Kiran Bedi Biography in Hindi | किरण बेदी की जीवन परिचय

 

“कुछ भी हो जाये लालच और दबाव को अपने करीब न आने दे क्योकि जिंदगी में “फिर कभी” और “लेकिन” के लिये कोई जगह नही होती.” – KIRAN BEDI

Kiran Bedi Biography in Hindi | किरण बेदी की जीवन परिचय
Kiran Bedi Biography in Hindi | किरण बेदी की जीवन परिचय

Kiran Bedi Biography in Hindi | किरण बेदी की जीवन परिचय

पूरा नाम   – डॉ॰ किरण ब्रज बेदी
जन्म       – 9 जून 1949
जन्मस्थान -अमृतसर ( पंजाब )
पिता       – श्री प्रकाश लाल पेशावरिया
माता       – प्रेमलता
विवाह     –  ब्रज बेदी ( Kiran Bedi Husband )

किरण बेदी की जीवनी – Kiran Bedi Biography in Hindi

Kiran Bedi एक भारतीय राजनेता, सामाजिक कार्यकर्त्ता, भूतकालीन टेनिस खिलाडी और रिटायर्ड पुलिस ऑफिसर है. Kiran Bedi  1972 में पुलिस सर्विस(आईपीएस) में शामिल हुई, और भारत की पहली महिला अधिकारी बनी.

एक किशोर की तरह, Kiran Bedi 1966 में राष्ट्रीय कनिष्ट टेनिस चैंपियन बनी. 1965 से 1978 के बिच उन्होंने कई सारे राष्ट्रीय और राज्य पुरस्कार जीते. आईपीएस में शामिल होने के बाद Kiran Bedi ने दिल्ली, गोवा और मिजोरम में सेवा की. उन्होंने अपना कार्यकाल पुलिस आयुक्त प्रतिनिधि (DCP) की तरह चाणक्यपुरी, दिल्ली से शुरू किया, और 1979 में राष्ट्रपति पुलिस मैडल जीता. बाद में वे पश्चिम दिल्ली गयी, जहा उन्होंने दिल्ली में हो रहे महिलाओ पर अत्याचारों को कम किया. इसके बाद, एक ट्रैफिक पुलिस की तरह, उन्होंने 1982 में दिल्ली में हो रहे एशियाई खेलो की निगरानी की. उत्तरी दिल्ली के DGP की तरह, उन्होंने ड्रग्स और दुर्व्यवहार के खिलाफ अपना अभियान जारी किया, जो बाद में नवज्योति दिल्ली पुलिस फाउंडेशन(2007) में मिला.

मई 1993 में, उन्हें दिल्ली कारागार में इंस्पेक्टर जनरल (IG) की तरह भेजा गया. जहा तिहार जेल में उन्होंने कई सुधार भी किये, जहा उनके इस प्रयत्न के लिए उन्हें 1994 में रमण मेगसेसे पुरस्कार दिया गया. 2003 में, Kiran Bedi पहली महिला बनी जिसे यूनाइटेड नेशन ने नागरिक पुलिस सलाहकार हेतु नियुक्त किया. लेकिन उन्होंने 2007 में इससे इस्तीफा दे दिया, ताकि वे सामाजिक गतिविधियों और लेख लिखने में ध्यान लगा सके. उन्होंने कई सारी किताबे लिखी, और इंडिया विज़न फाउंडेशन भी चला रही है. 2008-11 के बिच, उन्होंने आप की कचेहरी की मेजबानी भी की. वो 2011 भ्रष्टाचार मुक्त भारत की नेता भी बनी, और जनवरी 2015 में भारतीय जनता पार्टी में शामिल हुई.

Kiran Bedi Education & Early History

Kiran का जन्म 9 जून 1949 को अमृतसर में, एक अच्छे पंजाबी व्यापारी परिवार में हुआ. वो प्रकाश लाल पेशावरिया और प्रेम लता की दूसरी बेटी थी. उनको तिन बहने शशि, रीता और अनु थी. उनके बड़े दादा लाला हरगोबिन्द का पेशावर से अमृतसर स्थानांतरण हुआ, जहा उन्होंने एक व्यापर शुरू किया. बेदी का पालनपोषण ज्यादा धार्मिक रूप से नही था, लेकिन दोनों धर्मो हिन्दू और सिख धर्म में उनका पालनपोषण हुआ (उनकी दादी सिख थी).

प्रकाश लाल ने उनके परिवार के व्यापार में उनकी मदत की, और वे टेनिस भी खेलते थे. Kiran Bedi जी के दादा मुनि लाल ने उनके परिवार के व्यापार को संभाला, साथ ही उनके पिता को भत्ता भी दिया करते थे. उनके पिता वो भत्ता Kiran Bedi की बड़ी बहन शशि को सेक्रेड हार्ट कान्वेंट स्कूल, अमृतसर में डालने के लिए इस्तेमाल किया. उसकी स्कूल घर से 16 किलोमीटर दूर थी, शशि के माता पिता का ऐसा विश्वास था की दूसरी स्कूल में डालने से अच्छा उनकी बेटी किसी अच्छी स्कूल में पढ़े. मुनिलाल उनके बड़े बेटे को क्रिस्चियन स्कूल में पढ़ाने के खिलाफ थे. इसलिए, प्रकाश लाल ने आर्थिक स्वतंत्र घोषित किया, और अपने सभी बच्चो को अच्छी स्कूल में डलवाया, जिसमे किरण बेदी भी शामिल थी.

Kiran Bedi जी ने अपनी पढाई 1954 में सेक्रेड हार्ट कॉन्व्हेंट स्कूल अमृतसर से शुरू की. दूसरी स्कूल की गतिविधियों में से उन्होंने नेशनल कैडेट कोर (NCC) में भी हिस्सा लिया. उस समय सेक्रेड हार्ट में विज्ञानं नहीं था, इसके अलावा दूसरा विषय “परिवार” था. जिसका मुख्य उद्देश शादीशुदा महिलाओ को एक अच्छी गृहिणी बनाना था. जब वे 9 वी कक्षा में थी, तब बेदी जी ने काम्ब्रिज कॉलेज ज्वाइन की जहा विज्ञानं की सुविधा थी ताकि वो मेट्रिक परीक्षाओ की तयारी भी कर सके. समय के साथ उनके सहकर्मियों ने 9 वी कक्षा पास कर ली और kiran बेदी ने 10 वी पास कर ली.
बेदी जी 1968 में BA इंग्लिश में सरकारी महिला कॉलेज, अमृतसर से स्नातक हुई. और उसी साल उन्हें NCC कैडेट ऑफिसर का पुरस्कार दिया गया. 1970 में, उन्होंने राजनीती शास्त्र में पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ से मास्टर डिग्री प्राप्त की.

1970 से 1972 तक, Kiran Bedi ने खालसा महिला कॉलेज अमृतसर में व्याख्याता का काम किया. वे राजनीती शास्त्र से संबंधित विषयो को पढ़ाती थी. बाद में भारतीय पुलिस में Kiran Bedi के करियर के दौरान, उन्होंने 1988 में दिल्ली यूनिवर्सिटी से न्याय शास्त्र की डिग्री प्राप्त की और IIT दिल्ली डिपार्टमेंट ऑफ़ सोशल साइंस से 1993 में Ph.D की.

Kiran Bedi Awards :

1) संयुक्त राष्ट्र पदक
2) रेमन मैगसेसे पुरस्कार
3) राष्ट्रपति पुलिस पदक

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प्रमुख पद

  • दिल्ली यातायात पुलिस प्रमुख
  • नारकोटिक्स कंट्रोल ब्युरो
  • डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलीस, मिजोरम
  • इंस्पेक्टर जनरल ऑफ प्रिज़न, तिहाड़
  • स्पेशल सेक्रेटेरी टू लेफ्टीलेन्ट गवरनर, दिल्ली
  • इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलीस, चंडीगढ़
  • जाइंट कमिश्नर ऑफ पुलीस ट्रेनीग
  • स्पेशल कमिश्नर ऑफ पुलीस इंटेलिजेन्स
  • यू.एन. सिविलियन पुलीस एड्वाइजर
  • महानिदेशक, होम गार्ड और नागरिक रक्षा
  • महानिदेशक, पुलिस अनुसंधान एवं विकास ब्यूरो

किरण बेदी के बारे में 10 दिलचस्प बातें…

किरण बेदी ने आख‍िरकार औपचारिक तौर पर बीजेपी की सदस्यता ले ली है. सियासी गलियारे में ऐसा समझा जा रहा है कि वे दिल्ली विधानसभा चुनाव में बीजेपी की ओर से CM उम्मीदवार हो सकती हैं.

किरण बेदी के राजनीति में आने के साथ ही लोगों का ध्यान उनकी ओर ख‍िंचना स्वाभाविक ही है. जानें किरण बेदी से जुड़ी 10 बेहद खास बातें…

1. जिस दौर में सिविल सर्विसेज परीक्षा में बेहतर रैंक लाने पर भी आम तौर पर महिला उम्मीदवार आईएएस में ही जाना पसंद करती थीं, उस वक्त (जुलाई, 1972) में किरण बेदी ने सीनियर ऑफिसर के रूप में आईपीएस ज्वाइन करके सबको हैरत में डाल दिया. देशभर के किशोरों व युवकों को किरण बेदी के नाम की जानकारी GK की किताबों से ही मिल जाती है, जहां लिखा मिलता है, ‘देश की प्रथम महिला आईपीएस अध‍िकारी- किरण बेदी.’

2. किरण को बचपन में टेनिस बहु‍त पसंद था. अपनी बहनों के साथ उन्होंने इस खेल में कई खिताब भी हासिल किए. वे ऑल इंडिया के साथ-साथ ऑल एशियन टेनिस चैंपियन‍िशिप भी जीत चुकी हैं.

3. किरण बेदी ने अपने करियर की शुरुआत लेक्चरर के रूप में की. वे साल 1970 में खालसा कॉलेज, अमृतसर में राजनीति शास्त्र की लेक्चरर बनीं.

4. दिल्ली ट्रैफिक पुलिस प्रमुख रहते हुए किरण बेदी ने जिस साहसिक तरीके से अपने काम को अंजाम दिया, उससे उन्हें ‘क्रेन बेदी’ का उपनाम भी मिला. उन्होंने अपने मातहत काम करने वालों को सख्त निर्देश दे रखा था कि गलत जगह गाड़ियां खड़ी होने पर उसे फौरन उठवा लिया जाए, चाहे गाड़ी का मालिक कितनी भी बड़ी शख्स‍ियत क्यों न हो.

5. किरण बेदी के जीवन पर एक फीचर फिल्म ‘यस मैडम सर’ बन चुकी है. इसे ऑस्ट्रेलियाई फिल्म निर्माता मेगन डोनेमन ने प्रोड्यूस किया है. इस फिल्म को दुनिया के कई फिल्म महोत्सवों में दिखाया गया है.

6. किरण बेदी ने तिहाड़ जेल और कैदियों की दशा में सुधार के लिए जो कदम उठाए, वह कई जेलरों के लिए आज भी मिसाल है. उन्होंने साबित किया कि अगर कैदियों से मानवीय बर्ताव करते हुए उन्हें सुधार का मौका दिया जाए, तो वे समाज के लिए उपयोगी साबित हो सकते हैं.

7. किरण बेदी को शौर्य पुरस्कार, ‘एशिया का नोबेल पुरस्कार’ कहा जाने वाला ‘रमन मैग्सेसे पुरस्कार’ के अलावा और भी कई पुरस्कारों से नवाजा जा चुका है.

8. किरण बेदी समाजसेवी अन्ना हजारे और अरविंद केजरीवाल के साथ ‘इंडिया अगेंस्ट करप्शन’ (IAC) से जुड़कर काम कर चुकी हैं. अगस्त, 2011 में लोकपाल आंदोलन में भ्रष्टाचार का विरोध करने के दौरान उन्होंने भी भूख हड़ताल की थी. तब उन्हें भी गिरफ्तार किया गया था.

9. वे लंबे अरसे से समाजसेवा के काम से जुड़ी हुई हैं. उन्हें कई NGO में काम करने का अनुभव हासिल है.

10. किरण बेदी ने ‘इट्स ऑलवेज पॉसिबल’ और दो आत्मकथाओं के रूप में ‘आय डेयर’ व ‘काइंडली बेटन’ नाम की किताब भी लिखी है.

 

 

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