ट्रेनिंग के लिए रोज 56 किलोमाटर की दूरी तय करती थी पीवी सिंधु, 8 साल की उम्र में खेलना किया शुरू

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#P.V.SINDHU,#OLYMPICS 2016

 

Pusarla Venkata Sindhu is an Indian pro

Pusarla Venkata Sindhu
Pusarla Venkata Sindhu

fessional badminton player. At the 2016 Summer Olympics, she became the first Indian woman to win an Olympic silver medal. Wikipedia

Born: July 5, 1995 (age 21), Hyderabad

Height: 1.79 m

Coach: Pullela Gopichand

Education: St. Ann’s College for Women

Parents: P. V. Ramana, P. Vijaya

Awards: Padma Shri, Arjuna Award for Badminton, CNN-IBN Indian of the Year in Sports

रियो ओलंपिक्स में भारत के खेमे से एक नाम शिखर की ओर बढ़ता जा रहा है। भारत की अग्रणी महिला बैडमिंटन खिलाड़ी पी. वी. सिंधु रियो ओलंपिक्स में बैडमिंटन सिंगल्स महिला वर्ग के फाइनल में पहुंच चुकी हैं। इसके साथ ही भारत को बैडमिंटन में पहला ओलंपिक स्वर्ण हासिल करने की उम्मीद बढ़ गई है।

अपना पहला ओलंपिक खेल रही सिंधु ने सेमीफाइनल मुकाबले में छठी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी जापान की निजोमी ओकुहारा को सीधे गेमों में 21-19, 21-10 से हराते हुए फाइनल में अपनी जगह बनाई।

सिंधु ओलंपिक फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी शटलर बन गई हैं।

Pusarla Venkata Sindhu is an Indian professional badminton player

फाइनल में सिंधु का सामना शीर्ष वरीयता प्राप्त स्पेन की कैरोलिना मारिन से होगा। सिंधु अब अगर फाइनल मैच हार भी जाती हैं, तो उनका रजत पदक पक्का है, जो भारत का ओलंपिक में बैडमिंटन का पहला रजत पदक होगा।

सिंधु पहली महिला एथलीट बन जाएंगी जो भारत के लिए रजत जीतेंगी। लेकिन क्या आप सिंधु को जानते हैं या सिर्फ उनके बारे में खबरें ही पढ़ीं हैं? जानिए, भारतीय बैडमिंटन के इस चमकते सितारे के बारे में।

5 जुलाई 1995 को हैदराबाद में जन्मी पीवी सिंधु को खेल में ही अपना करियर बनाने की प्रेरणा अपने माता पिता से मिली।

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सिंधु के पिता पीवी रमन्ना और मां पी विजया वॉलीबॉल खिलाड़ी रह चुके हैं। सिंधु के पिता को वॉलीबॉल में अर्जुन अवॉर्ड भी मिल चुका है।

Pusarla Venkata Sindhu Indian professional badminton player

सिंधु अपने माता-पिता के साथ indiatimes

सिंधू ने आठ साल की उम्र से बैडमिंटन खेलना शुरू कर दिया था। उन्होंने शिक्षा श्री वेंकटेश्वर बाला कुटीर, गुंटूर से हासिल की।

शुरुआत में सिंधू हर दिन घर से 56 किलोमीटर की दूरी तय कर बैडमिंटन कैंप में ट्रेनिंग के लिए जाती थी।

पीवी सिंधु प्रतिष्ठित बैडमिंटन खिलाडी पुलेला गोपीचंद की बहुत बड़ी फैन रही हैं। गोपीचंद ऑल इंग्लैंड ओपेन बैडमिंटन चैंपियनशिप जीत चुके हैं।
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पीवी सिंधु ने बैडमिंटन की शुरुआती ट्रेनिंग सिकंदराबाद में महबूब अली से ली और फिर बाद में पुलेला गोपीचंद बैडमिंटन एकेडमी से जुड़ गईं। अभी गोपीचंद ही सिंधु के कोच हैं।

पिछले तीन सालों से 21 साल की सिंधु हर सुबह 4.15 बजे उठ बैडमिंटन का प्रयास शुरू कर देती हैं।

खेल के मैदान में सिंधु की सबसे बड़ी ताकत उनकी लंबाई है, जिसका फायदा उन्हें शॉट लगाने और तेजी से मैदान कवर में मिलता है।

साल 2015 में सिंधु को पद्मश्री से सम्मानित किया गया।

सिंधु 2013 में मलेशिया ओपन का ख़िताब भी अपने नाम कर चुकी है।

P V Sindhu

सिंधु ने कॉमनवेल्थ एशियाई चैंपियनशिप में कई पदक हासिल किए हैं। इसके अलावा वह वर्ल्ड चैंपियनशिप में लगातार दो बार कांस्य जीत चुकी हैं।

उन्होंने 2016 और 2014 में उबेर कप में कांस्य, 2016 सैफ गेम्स सिंगल्स मुकाबले में सिल्वर और टीम स्पर्धा में गोल्ड जीता था। 2014 के कॉमनवेल्थ गेम्स के सिंगल्स मुकाबले में ब्रॉन्ज मेडल भी जीता था।

गोपीचंद ने सिंधु के बारे बताते हुए कहा था कि इस खिलाड़ी का सबसे खूबी उसकी कभी न हार मानने वाली आदत है।

“आपको ये प्रेरणादायक कहानी कैसी लगी , कृप्या कमेंट के माध्यम से  मुझे बताएं ………आपके कमेंट करने से मेरा उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ता है जिससे मैं आपको और बेहतर  लेख उपलब्ध करवा सकूंगा …………………………………………………….धन्यवाद”

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