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Wilma Rudolph Hindi Motivational Story

संकल्प की शक्ति -Wilma Rudolph Hindi Motivational Story

Wilma Rudolph Hindi Motivational Story : यह कहानी है उस लड़की की जिसने बचपन से ही पोलियो से ग्रसित होने के बावजूद कभी हार नहीं मानी एवं गरीबी से लड़ती हुई अपने मुकाम तक पहुचती है | बचपन मे ही डॉक्टरों ने कह दिया था की ये लड़की कभी सही से चल फिर नहीं पायेगी लकिन उसकी माँ ने हमेशा ताकत एवं हिम्मत दी और उसको विश्वास दिलाया की अपनी इक्छा शक्ति से कुछ भी संभव है |  

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Wilma Rudolph Hindi Motivational Story

बात सालों पुरानी है। गेम्स की क्लास शुरु हुई तो एक दुबली-पतली लड़की किसी तरह अपनी जगह से उठी और वह अपने टीचर से ओलिंपिक रिकॉडर्स के बारे में सवाल पूछने लगी। इस पर क्लास के सभी बच्चे हंसने लगे। इस पर टीचर ने उससे कहा- ‘तुम खेलों के बारे में जानकर क्या करोगी। अपने ऊपर कभी नज़र डाली है। तुम तो ठीक से खड़ी भी नहीं हो सकती, फिर ओलिंपिक से तुम्हें क्या मतलब? तुम्हें कौन-सा खेलों में भाग लेना है, जो यह सब जानना चाहती हो।’ 

रुआंसी लड़की कुछ भी कह न सकी। सारी क्लास उस पर देर तक हंसती रही। अगले दिन जब खेल पीरियड में उसे बाकी बच्चों से अलग बिठाया गया तो उसने कुछ सोचकर बैसाखियां संभाली और दृढ़ निश्चय के साथ बोली- ‘सर याद रखिएगा। अगर लगन सच्ची और इरादे बुलंद हों तो सब कुछ संभव है। आप देख लेना, एक दिन यही लड़की सारी दुनिया को हवा से बातें करके दिखाएगी।’ 


उसकी इस बात पर भी बच्चों के बीच ठहाका गूंज उठा। उस वक्त सबने इसे मजाक के रुप में लिया। लेकिन तभी से वह लड़की तेज चलने के अभ्यास में जुट गई। 

 

अब उसने छोटी-मोटी दौड़ में भाग लेना भी शुरू कर दिया। लेकिन बहुत सारी रेस मे उसको हार नसीब हुए लेकिन उस लड़की ने संकल्प ले लिया था की मे हार नहीं मानूंगी | कुछ समय बाद उसकी मेहनत सफल होने लगी जब वह रेस मे तेज दौड़ने लगी और रेस जीत भी ली | उसे दौड़ते देख लोग दातों तले उंगली दबा लेते। उसके इस दृढ़निश्चय और मेहनत को देखकर कई लोग उसकी मदद के लिए आगे आए। 

 

सबने उसका उत्साह बढ़ाया। उसके हौसले बुलंद होने लगे। फिर उसने 1960 के ओलिंपिक में हिस्सा लिया और तीन स्वर्ण पदक जीतकर सबको आश्चर्यचकित कर दिया। ओलिंपिक में इतिहास रचने वाली वह बच्ची थी अमेरिकी धाविका विल्मा रुडोल्फ। हमें भी विल्मा से प्रेरणा लेनी चाहिए। Wilma Rudolph Story को पढ़कर आपको जरूर समझ मे आएगा की आपकी मानसिक शक्ति आपकी शारीरिक शक्ति से कही ज्यादा होती है जरुरत है उसको पहचाने की | 

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